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भाजपा ने तेलंगाना में पहली बार जीता नगर निगम का मेयर पद: करीमनगर में ऐतिहासिक जीत

  • 24 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

हैदराबाद | 16 फरवरी 2026


भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेलंगाना की शहरी राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। करीमनगर नगर निगम के मेयर पद पर जीत दर्ज कर भाजपा ने राज्य गठन के बाद पहली बार किसी नगर निगम की कमान अपने हाथ में ली है। यह जीत तेलंगाना में पार्टी के बढ़ते प्रभाव का एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।


करीमनगर में भाजपा की जीत का मुख्य कारण

करीमनगर में इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय मुख्य रूप से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और स्थानीय सांसद बंदी संजय कुमार को दिया जा रहा है। उनके आक्रामक चुनाव अभियान और जमीनी नेतृत्व ने करीमनगर को भाजपा का एक अभेद्य गढ़ बना दिया है।


हालांकि, निजामाबाद में स्थिति थोड़ी अलग रही। वहां भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी, लेकिन बहुमत की कमी के कारण कांग्रेस ने अन्य दलों के साथ मिलकर स्थानीय सरकार बना ली।


भाजपा का सफर: इतिहास से भविष्य तक

तेलंगाना में नगर निगम स्तर पर भाजपा का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है:

* 1981 की शुरुआत: संयुक्त आंध्र प्रदेश के समय भाजपा ने पहली बार विजयवाड़ा नगर निगम के मेयर पद पर जीत हासिल की थी।

* 2002 (वारंगल): भाजपा ने तत्कालीन टीडीपी (TDP) के साथ गठबंधन कर वारंगल नगर निगम में मेयर का पद जीता था।

* आगामी लक्ष्य (GHMC): करीमनगर की यह जीत आगामी ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) चुनावों के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरेगी। विशेषकर मल्काजगिरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नए निगमों में भाजपा की पकड़ काफी मजबूत देखी जा रही है।


बदलता राजनीतिक समीकरण

तेलंगाना में अब तक बीआरएस (BRS) और कांग्रेस जैसे दलों का दबदबा रहा है, लेकिन भाजपा की इस जीत ने राज्य में 'त्रिकोणीय मुकाबले' की स्थिति को और स्पष्ट कर दिया है।

आंकड़ों की बात करें तो, 2026 के इन शहरी निकाय चुनावों में भाजपा को राज्यव्यापी 15% वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस 40% से अधिक वोट शेयर के साथ आगे रही। प्रतिशत के मामले में भले ही फासला हो, लेकिन मेयर पद की यह पहली जीत भाजपा के लिए एक बड़े मनोवैज्ञानिक बूस्ट के समान है।


प्रकाशित तिथि: 16 फरवरी 2026



 
 
 

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