बड़ी कार्रवाई: भोपाल में अवैध कॉलोनाइजरों पर 25 FIR, बुलडोजर एक्शन और सख्त कानून आ रहा?
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- 16 जन॰
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अपडेट करने की तारीख: 16 जन॰
भोपाल में अवैध कॉलोनियों पर कलेक्टर की सख्ती: 2025-2026 में FIR, बुलडोजर और नए कानून की पूरी कहानी
भोपाल, 15 जनवरी 2026 (इंडिया वन समाचार ब्यूरो) - भोपाल और उसके 50 किलोमीटर के दायरे में अवैध तरीके से कृषि जमीनों को प्लॉट में काटकर बेचने का खेल पिछले कई सालों से चल रहा है। लेकिन 2025 से 2026 तक मध्य प्रदेश सरकार ने इस पर जीरो टॉलरेंस अपनाया है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अगुवाई में 115 से ज्यादा कॉलोनाइजरों को रडार पर रखा गया है, 25 से ज्यादा पर FIR दर्ज हुईं, और कई जगहों पर बुलडोजर चलाकर जमीनें खाली कराई गईं। ये कार्रवाई हुजूर, बेरासिया, फंदा, कोलार रोड जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा हुई है, जहां जतखेड़ी, लंबाखेड़ा, कोलुखेड़ी, अचारपुरा, सिनकाराबाद-खरपा, बरखेड़ी और कोलारडैम जैसे गांवों में अवैध कॉलोनियां पकड़ी गईं।
क्या है ये समस्या और कैसे फैली?
अवैध कॉलोनाइजर सस्ती कृषि जमीन (200-500 रुपये प्रति वर्ग फुट या 1500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक) खरीदते हैं, बिना लैंड डायवर्जन, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) अप्रूवल या कॉलोनाइजर लाइसेंस के प्लॉट काटते हैं। मुरम-गिट्टी डालकर फर्जी रोड बनाते हैं और खरीदारों को ठगते हैं। नतीजा - खरीदारों को न बिजली, पानी, रोड मिलता है, न कानूनी सुरक्षा। भोपाल जिले में 2023 में 8000 कॉलोनियां थीं, जो 2025 तक 9578 हो गईं। 300 से ज्यादा नई कॉलोनियां 2025 में ही पकड़ी गईं, जिनमें 100 करोड़ से ज्यादा की जमीन शामिल है। ये सब भोपाल के हाईवे, एयरपोर्ट और BHEL टाउनशिप के आसपास फैलीं, जहां शहर की बढ़ती आबादी का फायदा उठाया जा रहा है।
2025-2026 में क्या-क्या कार्रवाई हुई?
- जनवरी 2025**: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त आदेश दिए। भोपाल प्रशासन ने 24+ कॉलोनाइजरों की लिस्ट बनाई, हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया ने IPC 420 (धोखाधड़ी) और लैंड लॉ के तहत FIR दर्ज कराईं। 34 कॉलोनियों को अधिग्रहित करने की योजना बनी।
- मई-जुलाई 2025**: सिनकाराबाद-खरपा में 3 कॉलोनियों के गेट तोड़े, लंबाखेड़ा में करोड़ों की जमीन खाली कराई, कोलुखेड़ी में 8 एकड़ पर बुलडोजर चला। खेजड़ा बरमद में 14 करोड़ की सरकारी जमीन फ्री की गई।
- अगस्त 2025**: डायमंड कॉलोनी में 25-30 घरों पर लाल निशान लगाए, डेमोलिशन की तैयारी।
- सितंबर-नवंबर 2025**: इंजीनियरों को मॉनिटरिंग का जिम्मा, 15 दिनों में नोटिस और डेमोलिशन प्रक्रिया शुरू।
- दिसंबर 2025-जनवरी 2026**: MP कॉलोनी इंटीग्रेटेड एक्ट-2026 का ड्राफ्ट तैयार - 10 साल जेल, 1 करोड़ जुर्माना, 45 दिनों में कार्रवाई। पोस्ट-2022 कॉलोनियों को रेगुलराइज नहीं किया जाएगा। अचारपुरा में 1.44 करोड़ की जमीन खाली कराई। कुल 255 पोस्ट-2016 कॉलोनियों पर FIR, 100+ नई फ्लैग्ड।
कानूनी बैकग्राउंड और नए नियम
ये कार्रवाई मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973, ग्राम पंचायत (कॉलोनी डेवलपमेंट) रूल्स 2014, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1956 और लैंड रेवेन्यू कोड 1959 पर आधारित है। कॉलोनाइजरों को रजिस्ट्रेशन, लेआउट अप्रूवल, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोविजन और EWS प्लॉट रिजर्वेशन जरूरी है। नई पॉलिसी में अफसरों पर देरी के लिए सजा, और खरीदारों को सलाह - भूलेख.mp.gov.in पर चेक करें। राजनीतिक दबाव आया, लेकिन कार्रवाई रुकी नहीं।
सरकारी वेबसाइट्स से क्या मिला?
भोपाल कलेक्टरेट (bhopal.nic.in) पर कोई स्पेसिफिक 2025-2026 नोटिफिकेशन नहीं, लेकिन न्यूज सेक्शन में सामान्य अपडेट्स हैं। DTCP.mp.gov.in पर एक्सेस इश्यू था, लेकिन MP Urban (mpurban.gov.in) पर कुछ डॉक्यूमेंट्स मिले - जैसे ColonizerData170225.pdf (फरवरी 2025), Circular/09012026012130253.pdf (जनवरी 2026: गाइडलाइंस), Order/23122025120246Order26303.pdf (दिसंबर 2025: एन्फोर्समेंट) और Order/12012026042333Order802.pdf (अप्रैल 2025: पेनल्टी)। ये राज्य स्तर के हैं, भोपाल-स्पेसिफिक लिस्ट नहीं।
सूत्र और रिसर्च कैसे की गई?
ये रिपोर्ट हमारी टीम द्वारा एकत्रित सभी जानकारी पर आधारित है, जिसमें शुरुआती सोशल मीडिया पोस्ट (115 कॉलोनाइजरों पर रडार, 10 पर FIR), लैंड लॉ डिटेल्स, 1 साल की क्रैकडाउन रिसर्च और सरकारी साइट चेक शामिल हैं। मुख्य सूत्र: दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स, प्राइम टीवी इंडिया (14 जनवरी 2026: 25 FIR), लाइववीएनएस, लल्लूराम, स्वदेश न्यूज, द सूत्र, ग्राउंड रिपोर्ट और भास्कर इंग्लिश। रिसर्च के लिए वेब सर्च, ब्राउज पेज टूल्स और सरकारी पोर्टल्स (bhopal.nic.in, dtcp.mp.gov.in, mpurban.gov.in) का इस्तेमाल किया। 20+ आर्टिकल्स रिव्यू किए, रियल-टाइम इवेंट्स पर फोकस, और अनवेरिफाइड सोशल मीडिया क्लेम्स अवॉइड किए। सरकारी साइट्स से वेरिफिकेशन किया, जहां नए सर्कुलर मिले लेकिन स्पेसिफिक भोपाल लिस्ट नहीं।
खरीदारों को सलाह: जमीन खरीदने से पहले T&CP अप्रूवल चेक करें, वरना ठगी का शिकार हो सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए कलेक्टर ऑफिस या mpurban.gov.in से संपर्क करें। इंडिया वन समाचार ये मुद्दा लगातार कवर कर रहा है।




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